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राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी पर भाजपा जिला महामंत्री लोचन गुप्ता ने दिल्ली मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

दिल्ली, 15 अप्रैल, कोरोना महामारी के चलते गरीबों को हो रही असुविधाओं को देखते हुए उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जिला महामंत्री लोचन गुप्ता ने दिल्ली सरकार को अब तक दो बार राशन वितरण प्रणाली के कुप्रबंधन और विफलता के बारे में पत्र लिखा |श्री लोचन गुप्ता ने बताया कि राशन वितरण प्रणाली में कुछ खामियां है | यदि दिल्ली सरकार इस महामारी के दौरान किसी को भी खाली पेट सोने से बचाना चाहती है तो तुरंत ही इन बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए वितरण प्रणाली में मौजूद सभी खामियों को खत्म किया जाए |

लोचन गुप्ता ने आगे बताया कि जैसा कि दिल्ली सरकार ने घोषित किया है, कि हजारों लोगों ने अस्थायी राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है, वे भी सूखे राशन के लिए पात्र होंगे। लेकिन दुकानदार ऐसे लोगों को राशन उपलब्ध कराने से इनकार कर रहे हैं। 22 मार्च को, जैसे ही लॉकडाउन घोषित हुआ, उस दौरान एक घोषणा हुई कि, जिसने भी अभी तक ई-कूपन के लिए आवेदन नहीं किया है या जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी सूखा राशन प्रदान किया जाएगा। 3 अप्रैल तक, गरीब लोग इस बात को लेकर असमंजस में थे कि सूखे राशन पाने के लिए ई-कूपन के लिए कहां और कैसे आवेदन करें। 3 अप्रैल को, वेबसाइट केवल 36 घंटों के लिए सक्रिय हो गई थी, इसलिए केवल कुछ ही लोग ई-कूपन के लिए आवेदन कर सकते थे।

श्री गुप्ता ने बताया कि गरीब लोगों ने उनसे संपर्क किया और राशन वितरण में हो रही विभिन्न समस्याओं से मुझे अवगत कराया उसके पश्चात आज दूसरी बार मैंने दिल्ली मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से गरीबों को हो रही समस्या से अवगत कराया है | मैंने जब मजदूरों से बात करी तो बताया गया कि जिनके पस्स यदि भाग्य से ई कूपन है भी उन्हें भी कितनी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है जैसे कि

· जिन लोगों को ई-कूपन आवंटित किए गए हैं, जब वे अपने आवंटित वितरण केंद्रों पर सूखा राशन मांगते हैं। उन्हें खाली हाथ वापस भेज दिया जाता है, यह कहते हुए कि राशन समाप्त हो गया है, जो पूरी तरह से गलत है।

• कई लोगों को आवास से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर वितरण केंद्र आवंटित किया गया है। इस लॉकडाउन के दौरान इतनी लंबी दूरी की यात्रा असंभव है। उन्होंने अनुरोध करता हुए कहा कि कृपया उन्हें वितरण केंद्रों को जितना संभव हो उतना निकट आवंटित करें।

• ई-कूपन के लिए आवेदन करने के लिए वेबसाइट की फिर से सक्रियता के बाद भी, लगभग हर आवेदक को प्रतीक्षा सूची के तहत दिखाया जा रहा है। यह लॉकडाउन 1 के दौरान बनाई गई योजना थी, लॉकडाउन की अवधि 2.0 शुरू हो गई है, लेकिन जरूरतमंदों को अभी तक सूखा राशन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि गरीब लोग इस राशन का क्या करेंगे, अगर भूख से मर जाएंगे ? उन्होंने निवेदन करते हुए दिल्ली सरकार को कहा है कि गरीबों को जल्द से जल्द सूखा

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