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हजारों परिवारों का सहारा बनी वैशाली पोद्दार

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में हर कोई व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से सामाजिक सहायता करने की इच्छा रखता है | दिल्ली के मंगोलपुरी क्षेत्र की रहने वाली वैशाली पोद्दार ने न केवल जमीनी स्तर पर बल्कि सोशल मीडिया को एक बड़ा हथियार बनाते हुए पूरे देश में अब तक हजारों परिवारों को मदद पहुँचायी है |

वैशाली ने एक व्हाट्सएप ग्रुप टास्क फ़ोर्स(Task Force) बनाकर अब तक लगभग 2000 परिवारों को स्वयं अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मंगोलपुरी और उसके आसपास के इलाकों सुल्तानपुरी, नांगलोई, किराड़ी, रोहिणी, रिठाला और मुंडका में राशन और अन्य खाद्य सामग्री पहुँचायी है | इसके अतिरिक्त वैशाली ने सोशल मीडिया का पूरा सदुपयोग करते हुए दिल्ली ही नही बल्कि अन्य राज्यों में भी लोगों को मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है |

सरकारी हेल्पलाइन से बात करते हुए वैशाली ने बताया कि जिस दिन से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लॉकडाउन का आह्वाहन किया था उसी दिन से मैंने लोगों को मदद पहुँचाने का कार्य शुरू कर दिया था | चूँकि मैं पहले से भी सामाजिक कार्यों से जुडी रही हूँ तो जैसे ही मैंने लॉकडाउन में मदद का कार्य शुरू किया तो यह बात आसपास के क्षेत्रों में पहुँच गयी और मेरे पास सैकड़ों फ़ोन आने शुरू हो गए | अब इतनी संख्या में लोगों तक अकेले मदद पहुँचाना संभव नही था तो मैंने जल्द ही एक युवाओं की टीम( अंकुश पेरीवाल, राम मित्तल, कुश, शिखर, और दीपेंदर ) बनाई और साथ ही व्हाट्स एप ग्रुप भी बनाया | उसके तहत हमने फिर अपने साथियों की मदद से लोगों को राशन, तेल, आर्थिक सहायता जैसी जो भी मदद संभव रही वह करती रहीं, दिल्ली- एनसीआर में अन्य स्थानों से भी फ़ोन आये और जहाँ जाना संभव नही हो पाया वहाँ राशन की दुकान पर पेटिएम के माध्यम से उनको पैसे पहुँचा कर मदद करी है | मैं सबको आश्वस्त करती हों कि जब तक कि ये लॉक डाउन जारी रहेगा मैं अपनी तरफ से पूरा सहयोग करती रहूंगी | मैं यह भी कहूँगी कि यदि सोशल मीडिया का सही और सकारात्मक उपयोग किया जाये तो इसके माध्यम से बहुत कुछ किया जा सकता है लेकिन दुर्भाग्य है कि इस प्लेटफार्म का सदुपयोग कम और दुरुपयोग अधिक होता रहा है, जिससे आम लोगों में इसके प्रति नकारात्मकता और अधिक बढ़ गयी है |

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