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Hathras Death : हाथरस में 116 मौतों का जिम्मेदार बाबा पर प्रशासन की मेहरबानी, न मुकदमा न कार्यवाही

लखनऊ, 4 जुलाई 2024. उत्तर-प्रदेश के हाथरस से दिल-दहला देने वाली खबर जब सामने आयी थी तो किसी को भी अंदाज़ा नहीं था कि घटना इतनी वीभत्स होगी कि 100 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना लेगी. ताज़ा आकंड़ों के अनुसार अब तक 116 लोग अपनी जान गवां चुके हैं तो वही कुछ अभी भी घायल अवस्था में अस्पताल में अपने जीवन का संघर्ष कर रहे हैं. दरअसल यह मामला 2 जुलाई का है. उस दिन हाथरस के जनपद के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव रतीभानपुर में चल रहे भोले बाबा के सत्संग में अचानक भगदड़ मच गई. जिसके कारण सैकड़ों परिवार बिखर गए. लेकिन इन सबके बावजूद अभी तक दोषियों की कोई गिरफ़्तारी नहीं हो पायी है. यहाँ तक की इस सत्संग के सूत्रधार बाबा सूरजपाल उर्फ़ नारायण साकार के खिलाफ गिरफ़्तारी तो छोड़ ही दीजिये अभी तक इस ढोंगी बाबा के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज नही किया जा सका है.

हाथरस घटना में घायलों को ट्रामा सेंटर लाया गया
हाथरस घटना में घायलों को ट्रामा सेंटर लाया गया

हाथरस घटना : पाखंडी बाबा के खुले काले चिट्ठे 

बाबा के छोटे भाई की पत्नी ने एक मीडिया को बाते करते हुए इसके काले चिट्बठे खोले. उसने कहा कि बाबा उसके बच्चों के साथ मारपीट करता था. सूरजपाल के भाई की पत्नी ने कहा, ‘भोले बाबा का उसके परिवार से अब कोई मतलब नहीं है. बाबा ने एक बार उनके बच्चों के भी साथ मारपीट की थी. मामला थाने में पहुंचा था.’ उन्होंने बताया कि भोले बाबा के किसी सत्संग में हम कभी नहीं गए. न ही उनसे हमारा कोई मतलब है. बल्कि बाबा वैसे तो भगवन का रूप कहता है लेकिन वो इतना कठोर दिल का निकला कि जब उसके सगे भाई की मौत हुई थी तो वो उसके अंतिम समय और अंतिम संस्पकार में भी शामिल नहीं हुआ था. परिवार के किसी भी सदस्य की मौत पर नहीं आए तो हमारा उनसे कोई मतलब नहीं है.




Hathras Incident : विडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें




यह घटना लगभग 2 दिन पहले यानि 2 जुलाई को घटित हुई और अभी तक मरने वालों की संख्या 116 तक बताई गयी है. भारी भीड़ होने के चलते मची अचानक भगदड़ में महिलायें और बच्चे फंस गए जिसमे आखिरकार महिलाओं को अपनी जान गँवानी पड़ी.

 

हाथरस में सत्संग सुनते हजारो श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हाथरस में सत्संग सुनते हजारो श्रद्धालुओं की भारी भीड़










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