Chemicals in Watermelon
Health

कहीं तरबूज की जगह जहर का सेवन तो नहीं कर रहे आप ? घर बैठे करें जहरीले तरबूज की पहचान

नई दिल्ली, 20 मई 2024. Chemical in Watermelon:  देश के कई राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं. उत्तर से लेकर दक्षिण तक गर्मी और लू का भयंकर प्रकोप चल रहा है. ऐसे में सीजन के फलों की बिक्री भी काफी बढ़ गयी है. वैसे तो गर्मी में फलों का राजा आम कहा जाता है लेकिन आम की असली फसल और बाज़ार में उपलब्धता आने से पहले एक और फल है जो कि आम से कम नहीं है. दरअसल हम बात कर रहे हैं हर दूसरे व्यक्ति का सबसे पसंदीदा फल तरबूज की. गर्मी के मौसम के साथ-साथ तरबूज का सीजन भी अपने चरम पर है. तरबूज को गर्मी का सबसे फायदेमंद फल माना जाता है. तरबूज में 92% पानी और 6% शुगर होता है. फाइबर से भरपूर होने के कारण गर्मी में तरबूज का सेवन बहुत लाभदायक होता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजकल बाजार में ऐसे तरबूज भी खूब मिल रहे हैं, जिन्हें इंजेक्शन लगाकर लाल दिखाया जाता है? शायद बहुत से लोगों को यह खबर पढ़कर हैरानी होगी लेकिन यह सच है. आम लोगों के लिए इस तरह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन सा तरबूज असली और कौन सा केमिकल युक्त है. आमतौर पर तरबूज को ज्यादा लाल और रसीला दिखाने के लिए उसमें रंग का इंजेक्शन लगाया जाता है. सिर्फ यही नहीं बल्कि कई बार तेजी से पकाने के लिए ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन भी लगाया जाता है. ये केमिकल से भरे तरबूज सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं. जिसका उदाहरण अभी हाल ही में लखनऊ में देखने को मला भी. जहाँ पर एक युवती ने ऐसे ही तरबूज का सेवन किया और उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ी और कुछ दिनों के भीतर ही उसकी मौत हो गयी.

तरबूज़ में इंजेक्शन का इस्तेमाल कर किया जाता ज़हरीला

इनजेक्टेड तरबूज में नाइट्रेट, आर्टिफिशियल कलर (लेड क्रोमेट, मेथनॉल यलो, सूडान रेड), कैल्शियम कार्बाइड और ऑक्सीटोसिन जैसे केमिकल्स होते हैं, जो आपके पेट के लिए बहुत घातक हो सकते हैं. तरबूज को जल्दी बढ़ाने के लिए कई बार नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है. अगर यह नाइट्रोजन आपके शरीर में चला जाए तो यह बहुत हानिकारक हो सकता है क्योंकि इसे जहरीला तत्व माना जाता है. नाइट्रोजन इस इंसानी इस्तेमाल को लेकर पहले भी कई घातक घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिसमे व्यक्ति को मौत का भी सामना करना पड़ा है.

ऐसे कर सकते हैं केमिकल युक्त तरबूज की पहचान

किसी भी तरबूज को खरीदने के बाद कम से कम दो से तीन दिन के लिए रख दें. अगर उस पर झाग-पानी निकलता है तो यह समझ लेना चाहिए कि इसमें इंजेक्शन लगा है.यदि आप तरबूज का सेवन तत्काल करना चाहते हैं तो  इसके लिए भी एक उपाय है यह जानने के लिए की इसमें इंजेक्शन लगा है की नहीं. अपने घर में कॉटन अर्थात् रुई जो सामान्यतः सभी घरों में उपलब्ध होती है. आप तरबूज को बीच से काट लें और उसके बाद उसके ऊपर कॉटन का टुकड़ा रख दें. यदि रुई का रंग बदलकर सफ़ेद से लाल होता है तो निश्चित ही तरबूज में केमिकल का प्रयोग किया गया है. ऐसे में उस तरबूज का सेवन करने से परहेज करें.

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